शिमला/शैल। राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश के 51 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह चुनाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243ZA के तहत कराये जा रहे हैं, जिसके अनुसार शहरी निकायों के चुनाव करवाने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग के पास होती है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन निकायों का आरक्षण रोस्टर सरकार से प्राप्त हो चुका है, उनमें चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस चुनाव में कुल 51 शहरी निकाय शामिल हैं, जिनमें 4 नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायत हैं। इन सभी निकायों में कुल 449 पदों पर चुनाव होंगे। इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। कुल 195 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं, जिससे स्थानीय शासन में उनकी भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।
आयोग ने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 1 अक्तूबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी, जिसे 13 नवंबर 2025 को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को विशेष पुनरीक्षण किया गया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को मतदान का अधिकार मिल सके।
इन 51 शहरी निकायों में कुल 3,80,859 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिलाएं और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि 1,808 युवा मतदाता इस बार पहली बार वोट डालेंगे। आयोग ने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।
मतदान को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 589 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। जिन केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या अधिक होगी, वहां सहायक मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जहां संभव हो, महिलाओं के लिए अलग मतदान केंद्र बनाए जाएं और वहां महिला स्टाफ व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग द्वारा SMS के माध्यम से मतदान से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ‘वोटर सारथी’ ऐप के जरिए मतदाता अपना नाम और मतदान केंद्र की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। आयोग ने कहा कि केवल उन्हीं मतदाताओं को SMS सूचना मिलेगी, जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कराया है।
मतदान के दिन मतदाताओं को पहचान के लिए फोटो पहचान पत्र के साथ कोई अन्य वैध दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक या राशन कार्ड साथ लाना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल मतदाता सूची में नाम दर्ज होना ही मतदान के लिए जरूरी है।
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नगर निगम के उम्मीदवार अधिकतम 1 लाख रुपये, नगर परिषद के उम्मीदवार 75 हजार रुपये और नगर पंचायत के उम्मीदवार 50 हजार रुपये तक चुनाव खर्च कर सकेंगे। सभी उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का पूरा विवरण जमा करना होगा। इसके लिए आयोग ने candidate expenditure reporting system (CERS)नामक ऑनलाइन प्रणाली भी उपलब्ध कराई है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी निकायों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है। आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर मतदाताओं को प्रभावित न करें। साथ ही सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में उपयोग करने पर भी रोक लगाई गई है।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कानून-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोग ने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए जायें। मतदान और मतगणना से 48 घंटे पहले शराब की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा, मतदान के दिन सभी सरकारी और निजी संस्थानों में सवैतनिक अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में भाग ले सकें।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार अधिसूचना 21 अप्रैल 2026 को जारी की गई है। नामांकन पत्र 29 और 30 अप्रैल को दाखिल किए जाएंगे। 2 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 4 मई को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान 17 मई 2026 को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा।
नगर पंचायत और नगर परिषद के चुनावों की मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद संबंधित मुख्यालयों में की जाएगी। वहीं नगर निगमों के लिए मतगणना 31 मई 2026 को सुबह 9 बजे से शुरू होगी। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन से दूर रहें। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में होने जा रहे ये शहरी निकाय चुनाव स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आयोग को उम्मीद है कि सभी के सहयोग से यह चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफलतापूर्वक संपन्न होंगे।